Tuesday, October 12, 2010

मेरी प्यारी निराली !

जान से प्यारी 
है एक कुआरी
-बहुत ही न्यारी I


दिन से उजाली  
लगे जब मुस्कुरायी -
भोली ,प्यारी I


रात से काली 
हैं उसकी आँखें  -
गहरी प्याली I


देखे तो देखते रहे 
आँख मेरे जीते रहे -
तुम चमत्कार निराली  I


तुमसे आस्था रखके मैंने
ज़माने से थोड़ी है -
तुम क्या जाने बेचारी  !


Thursday, October 7, 2010

'प्यारी भूल'

जाने क्या क्या कर गया ,
ज़िन्दगी से लड़ गया I
फिर भी तुम मुझे मिली नहीं ,
तो प्यार से प्यार उठ गया I

आँक तुमसे लड़ गया ,
मेरा दिल धड़क गया I
इतनी खूब्सूर्थी एक साथ
मुझे मिले ,तो मैं दर गया I

कैसे कहूँ मेरी आशिक़ी, 
तुमको देकते ही होंट पिसल गयी I
याद न आये कुछ भी ,
सारी भोली भूल गयी इ r

जान से नाथा छूट गया ,
सांस भी मेरा थम गया I
फिर भी तुम मुझे मिली नहीं ,
तो प्यार से प्यार उठ गया I


Tuesday, September 28, 2010

'अनौकी चीज़!'



ज़िन्दगी इक अनौकी तोफा है I
इसको  खसके पकड़ो ,तो  टूट जाता है ;
टीकसे न पकड़ो , थो छूट जथा है I


                      
                        प्यार भी कैसी चीज़ है -
                        कितना भी दो तुमसे जाता नहीं ,
                        उससे टकराके फिर कुछ भाता नहीं I



                                    प्यार और ज़िन्दगी घुल खिलाते है ज़रूर I
                                    दोनों तीके तलवार हैं -
                                    निशानियाँ छोड़ जाते हैं ज़रूर I

Friday, September 24, 2010

प्रणाम !

नमस्ते !
भगवान और मेरे दोस्त सभी को प्रणाम करके इस ब्लॉग को लिकती हूँ I
शुब लाभ !