Tuesday, October 12, 2010

मेरी प्यारी निराली !

जान से प्यारी 
है एक कुआरी
-बहुत ही न्यारी I


दिन से उजाली  
लगे जब मुस्कुरायी -
भोली ,प्यारी I


रात से काली 
हैं उसकी आँखें  -
गहरी प्याली I


देखे तो देखते रहे 
आँख मेरे जीते रहे -
तुम चमत्कार निराली  I


तुमसे आस्था रखके मैंने
ज़माने से थोड़ी है -
तुम क्या जाने बेचारी  !


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