है एक कुआरी
-बहुत ही न्यारी I
दिन से उजाली
लगे जब मुस्कुरायी -
भोली ,प्यारी I
रात से काली
हैं उसकी आँखें -
गहरी प्याली I
देखे तो देखते रहे
आँख मेरे जीते रहे -
तुम चमत्कार निराली I
तुमसे आस्था रखके मैंने
ज़माने से थोड़ी है -
तुम क्या जाने बेचारी !

